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लो-शू ग्रिड (Lo Shu Grid): परिचय, 3×3 जादुई मैट्रिक्स और जन्म चक्र बनाने की संपूर्ण विधि

लो-शू ग्रिड (Lo Shu Grid): परिचय, 3×3 जादुई मैट्रिक्स और जन्म चक्र बनाने की संपूर्ण विधि

लो-शू ग्रिड (Lo Shu Grid): परिचय, 3×3 जादुई मैट्रिक्स और जन्म चक्र बनाने की संपूर्ण विधि

लेखक व शोध: विक्रांत (Vikraant) | प्लेटफ़ॉर्म: Vikraantworld

श्रेणी: लो-शू ग्रिड पद्धति (Lo Shu Grid & Chinese Numerology)


1. लो-शू ग्रिड क्या है? (What is Lo Shu Grid?)

लो-शू ग्रिड प्राचीन चीनी अंक ज्योतिष और फेंगशुई का सबसे शक्तिशाली और जादुई 3×3 मैट्रिक्स (Magic Square) है।

  • इतिहास: लगभग 4000 वर्ष पूर्व प्राचीन चीन में ‘लो’ (Luo) नदी में भीषण बाढ़ आई थी। उस समय नदी से निकले एक दिव्य कछुए की पीठ पर 3×3 का एक ऐसा जादुई चक्र बना हुआ था, जिसे किसी भी दिशा (क्षैतिज, लंबवत या तिरछा) से जोड़ने पर योग हमेशा 15 आता था।
  • 15 का महत्व: चीनी और भारतीय दोनों परंपराओं में 15 का संबंध ‘शुक्ल पक्ष’ के 15 दिनों और मां महालक्ष्मी की 15 कलाओं (जादुई 15 यंत्र) से है।

लो-शू ग्रिड में 1 से लेकर 9 तक के सभी अंकों का अपना एक निश्चित और स्थाई स्थान (Fixed Position), तत्व (Element) और दिशा (Direction) निर्धारित है।


2. मानक लो-शू ग्रिड की संरचना और तत्व विज्ञान (Standard Lo Shu Grid)

┌─────────────────┬─────────────────┬─────────────────┐

│ 4 │ 9 │ 2 │

│ (काष्ठ/Wood) │ (अग्नि/Fire) │ (पृथ्वी/Earth)│

│ दक्षिण-पूर्व │ दक्षिण │ दक्षिण-पश्चिम │

├─────────────────┼─────────────────┼─────────────────┤

│ 3 │ 5 │ 7 │

│ (काष्ठ/Wood) │ (पृथ्वी/Earth)│ (धातु/Metal) │

│ पूर्व │ केंद्र │ पश्चिम │

├─────────────────┼─────────────────┼─────────────────┤

│ 8 │ 1 │ 6 │

│ (पृथ्वी/Earth)│ (जल/Water) │ (धातु/Metal) │

│ उत्तर-पूर्व │ उत्तर │ उत्तर-पश्चिम │

└─────────────────┴─────────────────┴─────────────────┘

जादुई योग (Sum of 15):

  • पंक्तियों का योग (Horizontal):
  • $4 + 9 + 2 = 15$
  • $3 + 5 + 7 = 15$
  • $8 + 1 + 6 = 15$
  • स्तंभों का योग (Vertical):
  • $4 + 3 + 8 = 15$
  • $9 + 5 + 1 = 15$
  • $2 + 7 + 6 = 15$
  • विकर्णों का योग (Diagonal):
  • $4 + 5 + 6 = 15$
  • $2 + 5 + 8 = 15$

3. लो-शू जन्म चार्ट कैसे बनाएं? (Step-by-Step Chart Creation)

किसी भी व्यक्ति का व्यक्तिगत लो-शू ग्रिड बनाने के लिए उसकी पूरी जन्मतिथि के अंकों को मानक ग्रिड के अनुसार उनके निश्चित खानों (Boxes) में भरा जाता है।

शामिल किए जाने वाले अंक:

1. जन्मतिथि के सभी अंक (DD-MM-YYYY): जैसे दिन, महीना और वर्ष के सभी अंक। (शून्य ‘0’ को ग्रिड में नहीं भरा जाता)।

2. मूलांक (Driver / Root Number): केवल जन्म की तारीख का एकल योग।

3. भाग्यांक (Conductor / Destiny Number): पूरी जन्मतिथि का कुल एकल योग।

4. कुआ अंक (Kua Number): जन्म वर्ष और लिंग के आधार पर निकाला गया व्यक्तिगत दिशा अंक।


4. व्यावहारिक उदाहरण द्वारा समझें (Practical Example)

उदाहरण:

  • व्यक्ति का नाम: अमित शर्मा (पुरुष)
  • जन्मतिथि: 18 जुलाई 1985 (18-07-1985)

चरण 1: मूल अंकों को सूचीबद्ध करें

  • तारीख (DD): 1, 8
  • महीना (MM): 0 (नहीं लेंगे), 7
  • वर्ष (YYYY): 1, 9, 8, 5
  • मूलांक (Driver): $1 + 8 = 9$ (सूर्य/मंगल प्रभाव $\rightarrow$ अंक 9)
  • भाग्यांक (Conductor): $1+8+0+7+1+9+8+5 = 39 \rightarrow 3 + 9 = 12 \rightarrow 1 + 2 = 3$ (अंक 3)
  • कुआ अंक (Kua Number): पुरुष (1985) $\rightarrow 1+9+8+5 = 23 \rightarrow 5 \rightarrow 10 – 5 = 5$ (पुरुष का 5 होने पर कुआ अंक 2 माना जाता है $\rightarrow$ अंक 2)

चरण 2: सभी अंकों का कुल संकलन (Total Numbers)

  • अंक 1: 2 बार (18 का ‘1’ और 1985 का ‘1’)
  • अंक 2: 1 बार (कुआ अंक ‘2’)
  • अंक 3: 1 बार (भाग्यांक ‘3’)
  • अंक 4: 0 बार (मिसिंग)
  • अंक 5: 1 बार (1985 का ‘5’)
  • अंक 6: 0 बार (मिसिंग)
  • अंक 7: 1 बार (जुलाई ‘7’)
  • अंक 8: 2 बार (18 का ‘8’ और 1985 का ‘8’)
  • अंक 9: 2 बार (1985 का ‘9’ और मूलांक ‘9’)

चरण 3: अमित का व्यक्तिगत लो-शू ग्रिड चार्ट

┌─────────────────┬─────────────────┬─────────────────┐

│ (खाली) │ 9 , 9 │ 2 │

│ (मिसिंग 4) │ (अग्नि तत्व) │ (पृथ्वी तत्व) │

├─────────────────┼─────────────────┼─────────────────┤

│ 3 │ 5 │ 7 │

│ (काष्ठ तत्व) │ (पृथ्वी तत्व) │ (धातु तत्व) │

├─────────────────┼─────────────────┼─────────────────┤

│ 8 , 8 │ 1 , 1 │ (खाली) │

│ (पृथ्वी तत्व) │ (जल तत्व) │ (मिसिंग 6) │

└─────────────────┴─────────────────┴─────────────────┘


5. लो-शू ग्रिड से क्या-क्या जाना जा सकता है?

1. 8 विशेष योग (8 Planes of Success): क्या आपकी कुंडली में ‘स्वर्ण राजयोग’ (4-5-6), ‘इच्छा शक्ति योग’ (9-5-1) या ‘प्रॉपर्टी योग’ (2-5-8) मौजूद है?

2. मिसिंग नंबर्स (Missing Numbers): जो खाने खाली हैं, वे जीवन में किन आवश्यक गुणों, सुखों या अवसरों की कमी को दर्शाते हैं।

3. रिपीटेड नंबर्स (Repeated Numbers): जो अंक एक से अधिक बार आए हैं, वे किन शक्तियों की अधिकता या असंतुलन को पैदा कर रहे हैं।


6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र. 1: क्या लो-शू ग्रिड में कुआ अंक को भरना अनिवार्य है?

उत्तर: हाँ! Vikraantworld की प्रामाणिक पद्धति में कुआ अंक को ग्रिड में शामिल करने से व्यक्ति के वास्तु तत्व और दिशात्मक ऊर्जा की 100% सटीक तस्वीर सामने आती है।

प्र. 2: यदि वर्ष 2000 के बाद का जन्म हो, तो क्या शून्य (0) को ग्रिड में जगह मिलेगी?

उत्तर: नहीं। शून्य को ग्रिड के किसी भी खाने में नहीं लिखा जाता, लेकिन यह जिस अंक के साथ आता है (जैसे 2005 में 2 और 5), उस अंक की ऊर्जा को प्रभावित करता है।


7. अगला अध्याय

अगले अध्याय में हम लो-शू ग्रिड के सभी 8 योगों (8 Planes of Lo Shu Grid: Mental, Emotional, Practical, Raj Yoga etc.) का अत्यंत विस्तृत विश्लेषण करेंगे।

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